मैं अपनी प्रजा इस्राएल के लिये एक स्थान ठहराऊँगा, और उसको स्थिर करूँगा कि वह अपने ही स्थान में बसी रहे और कभी चलायमान न हो, और कुटिल लोग उनको नष्ट न करने पाएँगे, जैसे कि पिछले दिनों में करते थे,