देश देश के लोगों की धन–सम्पत्ति, चिड़ियों के घोंसलों के समान मेरे हाथ आई है, और जैसे कोई छोड़े हुए अण्डों को बटोर ले वैसे ही मैं ने सारी पृथ्वी को बटोर लिया है; और कोई पंख फडफ़ड़ाने या चोंच खोलने या चीं चीं करनेवाला न था।”