परन्तु उस पुरुष ने उस रात को टिकना न चाहा, इसलिये वह उठकर विदा हुआ, और काठी कसे हुए दो गदहे और अपनी रखैल संग लिए हुए यबूस के सामने तक (जो यरूशलेम कहलाता है) पहुँचा।