और उन्होंने असाहेल को उठाकर उसके पिता के क़ब्रिस्तान में, जो बैतलहम में था, मिट्टी दी। तब योआब अपने जनों समेत रात भर चलकर पौ फटते फटते हेब्रोन में पहुँचा।