“निष्पाप तो कोई मनुष्य नहीं है : यदि ये भी तेरे विरुद्ध पाप करें, और तू उन पर कोप करके उन्हें शत्रुओं के हाथ कर दे, और वे उनको बन्दी बना कर अपने देश को, चाहे वह दूर हो चाहे निकट, ले जाएँ,