इस कारण उसकी ऊँचाई मैदान के सब वृक्षों से अधिक हुई; उसकी टहनियाँ बहुत हुईं, और उसकी शाखाएँ लम्बी हो गईं, क्योंकि जब वे निकलीं, तब उनको बहुत जल मिला।