वरन् सातवें स्वर्गदूत के तुरही फूँकने पर होने वाले शब्द के दिनों में परमेश्वर का गुप्त मनोरथ उस सुसमाचार के अनुसार जो उसने अपने दास भविष्यद्वक्ताओं को दिया, पूरा होगा।”