क्योंकि हूराम के जहाजियों के संग राजा के जहाज तर्शीश को जाते थे; और तीन तीन वर्ष के बाद तर्शीश के ये जहाज सोना, चाँदी, हाथीदाँत, बन्दर और मोर लेकर आते थे।